EVM पर आरोप लगाने वालों को तगड़ा झटका, आयोग ने लिया यह बड़ा फैसला!


विधानसभा चुनावों में इस्तमाल हुए evm पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वालो को तगड़ा झटका लगा है. क्योंकि चुनाव आयोग ने एक सबसे बड़ा फैसला लिया है. जो काफी सराहनीय है. बता दें कि चुनाव आयोग के इस बड़े फैसले के बाद कोई भी नेता या पार्टी EVM में टेम्परिंग का आरोप नहीं लगा सकेंगे. बता दें कि कुल 19 पार्टियों EVM में गड़बड़ी का आरोप लगा चुकी है. जिसमें सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस भी शामिल है.

इन आरोपो के बाद चुनाव आयोग ने शुक्रवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. जिसमें कई पार्टी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हैकथॉन की मांग की. उन्होंने कहा, “हमें ईवीएम मुहैया कराइए, हम दिखा देंगे कि उसे कैसे हैक किया जा सकता है. हम यह विधानसभा में दिखा चुके हैं.” जबकि बैठक के बाद तृणमूल सांसद मुकुल रॉय ने कहा, “ईवीएम बिल्कुल भी विश्वसनीय नहीं हैं और दृढ़ता पूर्वक मांग करती है कि आगामी चुनाव में मतपत्रों का इस्तेमाल हो.”

कहा जा रहा है कि नेताओं के साथ बैठक में जहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी ने राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम को हैक करने की चुनौती दी. तो उन्होंने अंत में एक बड़ा फैसला भी लिया. उन्होंने कहा राजनीतिक दलों के समक्ष कहा, “भविष्य में जितने भी चुनाव होंगे, उनमें वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा. निर्वाचन आयोग चुनौती देगा और राजनीतिक पार्टियों को यह साबित करने का मौका देगा कि हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में ईवीएम से छेड़छाड़ की गई.” बताया जा रहा है कि कल की इस बैठक में सात राष्ट्रीय पार्टियों तथा 35 क्षेत्रीय पार्टियों के प्रतिनिधी शामिल हुए. यह बैठक सात घंटे चली.



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