शिवपाल नहीं है झुकने को तैयार, इंटरव्यू में अखिलेश पर सभी सवालों का दिया तीखा जबाब!


सपा में हर दिन कोई न कोई नए मोड़ और दांव-पेंच से सपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं में असमंजस बढ़ रहा है. जब से शिवपाल को मंत्री पद से हटाया गया तब से सपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अनुशासनहीन लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं. ऐसे में कार्रवाई करना उचीत नहीं है. मुख्यमंत्री समर्थक इसे प्रतिशोध की कार्रवाई बता रहे हैं.


इस स्थिती को देखते हुए, शिवपाल यादव मीडिया कर्मियों से बात-चीत करने के दौरान उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मातहत नहीं हैं और बिना बुलाये हम उनसे मिलने नहीं जाएंगे. इसके अलावा शिवपाल ने कई सवालों का जवाब भी दिए.

सवाल :- क्या अखिलेश सरकार में वापस जाएंगे?

जवाब :- उन्होंने कहा यह बात छोड़िए. मैं पहले ही कह चुका हूं कि नेताजी जो भी कहेंगे वह करुंगा. और नेताजी कोई भी बलिदान मांगेंगे, वो भी दूंगा. ताकि दुनिया और समाज को यह कहने का मौका तो नहीं मिलेगा कि शिवपाल ने नेताजी के बात को नकार दिया.


सवाल : क्या मुख्यमंत्री का कद कम दर्शाने को प्रत्याशी घोषित कर दिए?

जवाब : शिवपाल ने कहा चर्चा के बाद प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी. जब टिकट के लिए इंटरव्यू हुआ, तब मैं प्रदेश अध्यक्ष नहीं था और इंटरव्यू कौन लिय़ा था. सब जानते हैं. नेताजी ने कहा था लिस्ट प्रोफेसर साहब को दिखा लो, और मैने दिखा दी. उन्होंने कहा अखिलेश ने जो नाम दिये हैं, शामिल कर लो, वो भी कर लिया. इसके बाद कहा कि प्रोफेसर को फिर दिखा दो, वो भी किया.

सवाल : कई विधायकों की निष्ठा पर संदेह है, क्या टिकट कटेंगे?

जवाब : शिवपाल ने कहा कि टिकट का अंतिम फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व का होता है. और नेताजी का जो फैसला होगा, उसको सभी मानेंगे. हां, मैं प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मैं अपनी राय सपा के राष्ट्रीूय अध्यक्ष के सामने रख दूंगा.

सवाल : प्रो.रामगोपाल ने सपा मुखिया के बयान को संविधान की मर्यादा के खिलाफ बताया?

जवाब : नेताजी पर टिप्पणी करने का किसी को अधिकार नहीं है। उनके विरुद्ध टिप्पणी बर्दाश्त नहीं कर सकता, वैसे नेताजी पहले ही कह ही चुके हैं, वह अब उनकी बात को महत्व नहीं देते हैं.

-सवाल : चर्चा है कि रामगोपाल कल कांग्रेस के एक बड़े नेता मिले?

जवाब : उनसे जब मतलब नहीं तो फिर उनके बारे में बात क्यों करूंगा.



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